नमस्कार मित्रों ! आज एक और कविता आपके नज़र करने जा रहा हूँ ।दोस्तो जैसा कि आप जानते हैं कि इस वर्ष पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है और लगभग सभी देशों में कोरोना ने हाहाकार मचा दिया है ।इसी महामारी के प्रभाव से प्रभावित होकर मैंने चंद पंक्तियों की रचना की है ।आशा करता हूँ आपको ये पंक्तियाँ अच्छी लगेंगी ।

।। कोरोना महामारी ।।

चीन ये तूने क्या किया
समस्त संसार में कोरोना फैला दिया
इन्सान को इन्सान का शत्रु बनाकर
लाखों को मौत के घाट उतार दिया ।

विश्व शक्ति बनने के खातिर
मानवता पर कड़ा प्रहार किया
कोरोना वायरस फैलाकर
दुनिया में हाहाकार मचा दिया ।

अमेरिका रूस जैसे देश शक्तिशाली
लोग जहां के थे प्रतिभाशाली
रोक ना पाये कोरोना महामारी
अपनो को खोकर हाथ मलते खाली ।

लापरवाही का चुकाना भाव पड़ा
अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा
कोरोना की ये बिमारी
सब देशों पर पड़ गई भारी ।

नहीं दवा कोई बनी अभी तक
हर देश में लॉकडाउन करवा दिया
जन जीवन अस्त व्यस्त करके
सबको घरों में बिठा दिया ।

Surinder Rana, Poet R/O Pallali Paddar

होटल बन्द थिएटर बन्द
बन्द हैं सब शिक्षा संस्थयाएँ
ना ही कोई यातायात खुला
हैं केवल ज़रूरी सुविधाएँ ।

लोगों के कई अरमान थे
हौंसलो पर भरते उड़ान थे
सपनों की मंजिल पानी थी
कामयाब होना है मन में ठानी थी ।

पर अब सब घरों में रहते
टी वी देखते कोई किताब पढ़ते
हो कोरोना का केहर खत्म
ईश्वर से हैं प्रार्थना करते ।

डॉकटर पुलिस स्वास्थ्य कर्मी और
सफाई कर्मचारी ये हमारी ढाल हैं
कोरोना योध्दा हैं ये
सेवाएँ इनकी बेमिसाल हैं ।

इनका आदर सम्मान भरपूर हो
ना मनोबल इनका चकनाचूर हो
कहना मानो इनका हर पल
ताकि कोरोना हमसे कोसों दूर हो ।

चीन ने हमको जो दर्द दिया
इसका प्रतिशोध अवश्य लो
ना खरीदो चीनी सामान को
अब से सभी स्वदेशी लो ।

याद रखें हम आप सब
लापरवाही ना हो कोई अब
सब अपने घरों में कैद रहें
साफ सफाई में मुस्तैद रहें ।

कोरोना को है हराना
इसलिये बाहर मत जाना
हाथ जोड़ का विनती करता
आपका मित्र सुरिंदर राणा ।

धन्यवाद! जय हिंद !! जय भारत !!

 

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