A poem on the beauty of Paddar!

पाडर एक सागर है, इसकी तारीफ कुछ पंक्तियों के माध्यम से करना सागर से एक चम्मच निकाले पानी की तारीफ करने जैसा है| परन्तु मेरा मानना है कि उस एक चम्मच पानी का स्वाद...

A poem for those who dare to dream

एक युवा अपने माता पिता, अपने मित्रों और अपने प्रिय जनों से निवेदन करता हुआ, जीवन के इस सफर मे कदम आगे रखता हुआ, चुनौतीयों का सामना करने कि हुंकार भरता हुआ, अपनी भावनाओं...

A Poem on ST status for Paddar

आजकल ST Status चर्चे मे है, इस बात को आगे लेते हुए मैंने एक कविता के माध्यम से ये बताने कि कोशिश कि है कि पाडर कैसे बदलेगा इसके बाद और क्यों है ये...

A Poem by Durgesh Kumar Thakur on his motherland, Paddar

  "I AND MY NATURE"   O Nature! You Never ever betray us! You never ever betray those who are connected with roots. I have seen tall trees towering so high, urging us to say "Hai". I heard the reverberations of...

A poem by Sonu Bhardwaj on the eve of World Water Day

नमस्कार दोस्तों आप सभी को विश्व जल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं (22/3/2022)प्यारे दोस्तों आप सभी जानते हैं आजकल शहरों में आए दिनों जल त्रासदी का सामना करते हुए लोगों को देखा जाता है आओ...

अब बकरे नहीं आएंगे (A nostalgic poem on Canchaiti Festival)

अब बकरे नहीं आएंगे   वर्षों पूर्व तक छोटे छोटे बकरे मेरे घर ननिहाल के यहाँ से पहुंचा करते थे हर साल जनवरी के महीने मे जब बाहर बर्फ अपनी सफेदी से पाडर क़ी धरती सजा दिया करती थी | यूँ तो,...